यीशु और उसके चेले अपनी नाव में उस क्षेत्र को गए जहाँ गिरासेनी लोग रहते थे। वे उस क्षेत्र में पहुँच कर नाव से उतर गए। वहाँ एक व्यक्ति था जो दुष्टात्मा से ग्रस्त था। यह व्यक्ति इतना बलशाली था कि कोई भी उसको नियंत्रित नहीं कर सका था। कई बार लोगों ने…
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यीशु और उसके चेले अपनी नाव में उस क्षेत्र को गए जहाँ गिरासेनी लोग रहते थे। वे उस क्षेत्र में पहुँच कर नाव से उतर गए। वहाँ एक व्यक्ति था जो दुष्टात्मा से ग्रस्त था। यह व्यक्ति इतना बलशाली था कि कोई भी उसको नियंत्रित नहीं कर सका था। कई बार लोगों ने…
लाज़र नाम का एक व्यक्ति था। उसकी दो बहनें थीं जिनके नाम मरियम और मार्था थे। वे सब यीशु के घनिष्ठ मित्र थे। एक दिन, किसी ने यीशु को बताया कि लाज़र बहुत बीमार था। जब यीशु ने यह सुना तो उसने कहा, "यह बीमारी लाज़र के मरने के साथ समाप्त नहीं होगी।…
हर वर्ष, यहूदी लोग फसह का पर्व मनाते थे। यह इस बारे में एक उत्सव था कि कई शताब्दियों पहले परमेश्वर ने उनके पूर्वजों को मिस्र के दासत्व से छुड़ाया था। लगभग तीन वर्ष के बाद यीशु ने सार्वजनिक रूप से प्रचार करना और शिक्षा देना आरम्भ किया। यीशु ने अपने चेलों को…
यीशु के स्वर्ग लौट जाने के बाद, चेले यरूशलेम में ही रुके जैसा कि यीशु ने उनको करने का आदेश दिया था। वहाँ के विश्वासी लोग लगातार एक साथ प्रार्थना करने के लिए इकट्ठे हुआ करते थे। प्रति वर्ष, फसह के पर्व के 50 दिनों के बाद, यहूदी लोग पिन्तेकुस्त नाम के…
यीशु के स्वर्ग लौट जाने के बाद, चेले यरूशलेम में ही रुके जैसा कि यीशु ने उनको करने का आदेश दिया था। वहाँ के विश्वासी लोग लगातार एक साथ प्रार्थना करने के लिए इकट्ठे हुआ करते थे। प्रति वर्ष, फसह के पर्व के 50 दिनों के बाद, यहूदी लोग पिन्तेकुस्त नाम के…
जब शाऊल ने सम्पूर्ण रोमी साम्राज्य में यात्राएँ कीं तो उसने अपने रोमी नाम "पौलुस" का उपयोग करना आरम्भ कर दिया। एक दिन, पौलुस और उसका मित्र सीलास फिलिप्पी नगर में यीशु के बारे में शुभ संदेश सुनाने के लिए गए। वे नगर के बाहर नदी के किनारे एक स्थान पर गए जहाँ…
जब शाऊल ने सम्पूर्ण रोमी साम्राज्य में यात्राएँ कीं तो उसने अपने रोमी नाम "पौलुस" का उपयोग करना आरम्भ कर दिया। एक दिन, पौलुस और उसका मित्र सीलास फिलिप्पी नगर में यीशु के बारे में शुभ संदेश सुनाने के लिए गए। वे नगर के बाहर नदी के किनारे एक स्थान पर गए जहाँ…
जब शाऊल ने सम्पूर्ण रोमी साम्राज्य में यात्राएँ कीं तो उसने अपने रोमी नाम "पौलुस" का उपयोग करना आरम्भ कर दिया। एक दिन, पौलुस और उसका मित्र सीलास फिलिप्पी नगर में यीशु के बारे में शुभ संदेश सुनाने के लिए गए। वे नगर के बाहर नदी के किनारे एक स्थान पर गए जहाँ…
लगभग 2,000 वर्षों से, संसार में सब स्थानों पर अधिक से अधिक लोग मसीह यीशु के बारे में शुभ संदेश को सुन रहे हैं। कलीसिया उन्नति कर रही है। यीशु ने वादा किया कि वह संसार के अंत में वापिस लौटेगा। यद्यपि वह अभी वापिस नहीं आया है, तौभी वह अपने वादे को…
