आह वह प्यारी सलीब

आह वह प्यारी सलीब 1 . आह वह प्यारी सलीब मुझको दीख पड़ती हैं , एक पहाड़ी पर जो खड़ी थी । कि मसीह - ए - मसलूब ने नदामत उठा, गुनाहगारों की खातिर…

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